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दोपहिया वाहन चोर गिरोह एमआईजी पुलिस की गिरफ्त में, दिनदहाड़े करते थे चोरी, 12 मोटरसाइकिल बरामद

इन्दौर-12 अप्रैल 2019- शहर में वाहन चोरी की वारदातो पर अंकुश लगानें हेतू, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इन्दौर शहर श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र व्दारा सभी अधिकारियो के निर्देश दिये गये है। उक्त निर्देश के तारतम्य मे पुलिस अधीक्षक पूर्व श्री मोहम्मद युसुफ कुरैशी व अति.पुलिस अधीक्षक श्री शैलेन्द्रसिंह चौहान के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक विजयनगर श्री पंकज दीक्षित के व्दारा गंभीरता से कार्यवाही करने हेतू थाना प्रभारी एमआईजी इन्द्रेश कुमार त्रिपाठी को आदेशित किया गया। इसी तारतम्य मे एक वाहन चोर गिरोह को गिरफ्तार किया गया है। इन तीन चोरो से वाहन चोरी की दो दर्जन वारदातो का खुलासा हुआ है इनमे एक दर्जन वाहनो की पतारसी हो चुकी है। पुलिस व्दारा 12 वाहनो को तस्दीक पश्चात्‌ जप्त कर लिये गया है शेष वाहनो को तलाश की जा रही है। वाहन चोरो का सरगना ज्ञानी उर्फ अमर और उसका साथी अप्पी फरार है। इन दोनो आरोपियो की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
पुलिस थाना एमआईजी पुलिस व्दारा वाहन चैकिंग के दौरान एक वाहन पर दो संदिग्ध लडके दिखने पर रोका गया था। रोकने पर दोनों आरोपियों ने वाहन छोडकर भागने का प्रयास किया। संदेह बढने पर इन दोनो चोरो को घेराबंदी कर पकडा गया। पूछताछ करने पर वाहन के संबंध मे चोरी का वाहनहोना बताया जो एमआईजी क्षेत्र का होने से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

शिकार की रैकी, लॉक तोडना और बिना चाबी के मोटरसाईकल स्टार्ट करना

पूछताछ मे आरोपी व्दारा बताया गया कि गिरोह का सरगना ज्ञानी उर्फ अमर पिता दिलीप जाट उम्र 21 साल निवासी 02 गली सर्वहारा नगर इन्दौर का रहने वाला है । ज्ञानी के उपर कई अपराध होने से जिलाबदर का प्रकरण चल रहा है इस कारण से घर से फरार है । पकडे गये आरोपी रोहित और मयंक के व्दारा बताया गया कि रोहित विलसन गाडी का लॉक तोडने मे मास्टर है और किसी भी गाडी का लॉक दस सैकेण्ड मे तोड देता है इस काम मे मयंक उसकी मदद करता है ।

एक मोटरसाईकल चोरी के बदले मिलते थे 2500-2500 रूपये
रोहित सबसे पहले ऐसे मोटरसाईकल की तलाश करता है जिसके आसपास मालिक ना हो और पार्किंग ऐरिये मे ना खडी हो । मयंक ऐसे गाडी के बायर निकाल देता था जिससे गाडी को चाँबी से स्टार्ट करने की आवश्यकता नही पडती थी । फिर रोहित और मयंक दोनो मिलकर गाड़ी का लॉक तोड देते थे और चुराकर ज्ञानी को दे देते थे ज्ञानी अपने साथी अप्पी एंव संजय काला के साथ चोरी की मोटरसाईकलो को ठिकाने लगाता था इसके बदलेमे दोनो को 5000 मिलते थे ।

शराबखोरी के लिये चोरी
रोहित और मयंक दोनो ही अपराधिक प्रवृत्ति के है । रोहित विलसन आदतन चोर है और थाना परदेशीपुरा मे मोबाईल चोरी मे बंद हो चुका है । हालाकि रोहित घर पर शर्ट की सिलाई का काम भी करता है जिससे घर खर्चे लायक पर्याप्त कमाई हो जाती है परन्तु शराबखोरी के लिये चोरी का काम करता है । जबकि मयंक उर्फ नाना इससे पूर्व एन.डी.पी.एस. एंव आर्म्स एक्ट मे बंद हो चुका है । दोनो ही आदतन शराबखोर है इस लत की पूर्ति के लिये वाहन चोरी पूछताछ मे आरोपियो व्दारा बताया गया कि उनका एक ओर साथी वाहन चोर अप्पी ग्राहक ढूडता है इस काम के अलावा नशे मे भी लिप्त है जिसको आरोपी बनाया गया है और उसकी तलाश की जा रही है ।

बिना पार्किंग असुरक्षित वाहनो को निशाना

पूछताछ मे य़ह बात सामने आई है अधिकांश चोरी के लिये उन वाहनो को शिकार बनाया जाता था जो पार्किंग मे नही खडे होते थे या फिर घर के अन्दर नही खडे करते थे । अतः सभी वाहन मालिको को सुझाव है कि अपने वाहन सुरक्षित स्थानो पर रखे पार्किंग या घर के अन्दर खडे रखने से अधिक सुरक्षित रह सकते है ।

भूमिका

गिरोह कोपकडने मे उनि प्रदीप गोलिया, आर.सुभाष चन्देल आर. दीपक कुमार एंव वाहनो की बरामदगी मे आर.नीरज रघुवंशी ,आर राघवेन्द्र, प्र.आर. अनिल पाटिल एंव विवेचना मे उनि नितिन पटेल, सउनि राधेश्याम यादव के व्दारा थाना प्रभारी इन्द्रेश त्रिपाठी के नेतृत्व मे महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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