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जग विख्यात मरु महोत्सव , कैमल टैटू शो ने सभी को किया आकृषित

चंद्रभान सोलंकी, जैसलमेर

पणिहारी दौड व रस्साकषी सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में देशी-विदेशी सेलानियों ने लिया भाग

जैसलमेर, 18 फरवरी। जग विख्यात मरु महोत्सव – 2019 के कार्यक्रमों की कड़ी में दूसरे दिन सोमवार को स्वर्ण नगरी जैसलमेर के पास स्थित डेडानसर मैदान में सीमा सुरक्षा बल के जवानों की प्रस्तुतियों ने देषी विदेषी सैलानियों को रोमांचित सा कर दिया। वहीं बल के ऊंटों के हैरतंअगेज कारनामें दिखा कर दर्षकों को अचरज में डाल दिया। वहीं ऊंट श्रंगार, शान-ए-मरुधर, पणिहारी दौड़, कबड्डी, रस्साकषी व कैमल पोलो, महिला एवं पुरूष दंगल जैसी प्रतियोगिताओं ने देषी विदेषी मेहमानों को रोमांचित सा कर दिया। दूसरे दिन के कार्यक्रम में जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल, जिला कलक्टर नमित मेहता, पुलिस अधीक्षक डॉ.किरण कंग, सीमा सुरक्षा बल के उप महा निरीक्षक राकेष कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्र कुमार वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामेष्वर मीणा के आतिथ्य में प्रषासनिक, सीमा सुरक्षा बल सहित हजारों की संख्या में देषी-विदेषी सैलानी मौजूद थे।

पणिहारियां मटका रेस ने सभी को हंसाया

महोत्सव के दूसरे दिन पणिहारी मटका रेस प्रतियोगिता में देशी-विदेशी महिलाओं ने भाग लिया। इन प्रतिभागियों ने दस मीटर पर रखी ईढ़ाणी को अपने सिर पर रखकर उसके 10 मीटर फासलें पर भरा हुआ पानी का मटका अपने सिर पर रखा एवं वहां से 30 मीटर दौडती हुई अपने निर्धारित स्थल पर पहुंची। इस प्रतियोगिता में 23 प्रतिभागियों महिलाएं ने भाग लिया जिसमें 12 विदेषी महिला थी। जिन्होंनें कभी पणिहारी के रूप में इस प्रकार घडे में पानी लाई हों जब महिलाओं ने अपने सिर पर घडा रखा तो कई तो सही ढंग से रख नहीं पाई वहीं कई महिलाआें के घडे बीच में ही फूट गए इस दृष्य को देख सभी दर्षक हसी से खिल उठें। इस प्रतियोगिता में जैसलमेर की पूजा चौधरी ने प्रथम, पेम्पी चौधरी ने द्वितीय एवं शबनम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

पुरूष- महिला दंगल का आयोजन

मरू महोत्सव के पुरूष व महिला दंगल (कुष्ती) का आयोजन हुआ। इस महिला व पुरूष दंगल में टीम के प्रषिक्षक राजेन्द्र खत्री राजस्थान विष्व विद्यालय के कोच थे। यह कुष्ती प्रतियोगिता मिडिल एवं हेवी वेट में आयोजित हुई। इसमें राजस्थान विष्व विद्यालय की राष्ट्रीय खिलाडी एवं खेलो इण्डिया टीम के खिलाडी ने भाग लिया। पुरूष दंगल में 50 कि.ग्रा. में राहुल एवं हिमांषु के बीच हुआ जिसमें राहुल वियजी रहें वहीं महिला दंगल में सुमन कंवर पायल शर्मा के मध्य हुआ जिसमें पायल शर्मा विजयी रहीं वही हेवीवेट महिला दंगल में निषा व सुमन शर्मा का मुकाबला हुआ जिसमें निषा वियजी रहीं वहीं इस बार पुरूष व महिला दोनों का एक साथ दंगल हुआ जिसमें महिला पायल का मुकाबला प्रकाष रावत से हुआ जिसमें पायल ने अपना दमखम का प्रदर्षन करते हुए विजयश्री हासिल की इसी प्रकार पुरूष हेवीवेट ने प्रकाष रावत व ख्यालीराम सैनी का मुकाबला हुआ जिसमें ख्यालीराम विजयी हुए।

कब्बडी प्रतियोगिता का आयोजन

मरू महोत्सव में इस बार भी प्राचीन एवं परंपरागत खेल कब्बडी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। यह प्रतियोगिता एसबीके राजकीय महाविद्यालय जैसलमेर व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सांकडा की टीमों के मध्य हुई जिसमें सांकडा की टीम ने शानदार प्रस्तुती की। इसमें सांकडा की टीम विजेता रहीं एवं महाविद्यालय की टीम उप विजेता रही।

रस्साकस्सी में जीते विदेशी मेहमान

डेडानसर मैदान में आयोजित भारतीय एवं विदेशी पुरुषों तथा महिलाओं की रस्साकस्सी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साह से भाग लिया वहीं दर्षकों ने भी प्रतियोगिता का लुत्फ उठाया। सभी श्रेणी की प्रतियोगिताओं में 11-11 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। महिला की दोनो प्रतियोगिता में रस्साकषी में लगातार दोनों ही राउण्ड में विदेषी टीम विजेता रही। यहीं नहीं महिला रस्साकषी में तो मरू मेले में दसवीं बार विदेषी महिलाएं विजेता होती आ रही है। पुरूष रस्साकस्सी प्रतियोगिता में देषी एवं विदेषी टीमों ने दमखम का प्रदर्षन किया लेकिन इस बार भी विदेषी टीम विजेता रही।

सज-धज कर आए ऊंटः-

मरु महोत्सव में ऊंट श्रृंगार प्रतियोगिता भी बहुत ही आकर्षण का केन्द्र रही। इस प्रतियोगिता में सजे धजे ऊंटों को देखकर पर्यटक उत्साहित हो उठे। इस प्रतियोगिता में नौ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ऊंटों को मोरी, गोरबन्ध, कन्ठमाल, लूम, परची, पिलाण, तंग, मोड़, पायल, घूघरा, पूंछ बंधनी इत्यादि से श्रृंगारित किया गया।

ऊंट श्रृंगार प्रतियोगिता के निर्णायकों ने श्रृंगारित ऊंटों को बारीकी से जांचा परखा। इसमे चैनाराम का श्रंगारित उंट प्रथम स्थान पर रहा वहीं बीरबलसिंह का श्रंगारित उंट द्वितीय तथा अणदाराम का श्रंगारित उंट तृतीय स्थान पर रहा। इस प्रतियोगिता में मेजर जनरल अरूण सौपरा, ग्रिफ के पी.के.जेपीसिंह व जोधपुर के चक्रवतीसिंह ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

ऊंट की मंथर चाल से दर्शक हुए अभिभूत

ऊंटों की मंथर चाल की शान-ए-मरूधरा प्रतियोगिता में ऊंटों ने अपने करतब से दर्षकों को खासा रिझाया। इसमें चार प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें प्रति प्रतियोगी को मात्र कच्छी-बनियान धारण किए हुए उन्हें निर्धारित 100 मीटर की दूरी तय करनी थी। ऊंट सवार ने निर्धारित दूरी पर रखे जूते पहने अपना टेवटा बांधा तथा कुर्ता पहना एवं उसके बाद साफा बांध कर ऊंट पर गद्दी एवं पिलाणा जमा कर उसे तंग से बांध कर मंथर चाल से पहुॅंचा। यह नजारा मनोहारी व हास्यप्रद तथा दर्षकों को खूब हंसाया। इस प्रतियोगिता मे दानसिह सलखा ने बाजी मारकर प्रथम स्थान अर्जित किया वहीं रमेषाराम काहला दूसरे स्थान पर तथा किषनाराम गोरेरा तीसरे स्थान पर रहे। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयनारायण, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामेष्वर मीणा व सेवानिवृत अतिरिक्त मुख्य अभियंता शैतानसिंह चारण ने निर्णायक की भूमिका निभाई।

कैमल पोलो मैच में ऊंटों ने निभाया पूरा साथ, रॉयल डेजर्ट सफारी की टीम रही विजेता

मेले में भारत पोलों संघ के तत्वावधान में पोलो का मैच कैमल पोलो एसोसिएषन ऑफ इंडिया और रॉयल डेजर्ट सफारी की टीम के बीच हुआ। इस प्रतियोगिता में ऊंटों पर सवार पोलो खिलाडी एवं उनके उंट का सामंजस्य हांस्यप्रद रहा। इस प्रतियोगिता में रॉयल डेजर्ट सफारी प्राईवेट लिमिटेड की टीम 1-0 से वियजी रही।

सीमा सुरक्षा प्रहरियों का साथ दिया रेगिस्तान के जहाज ने

डेडानसर मैदान मे सीमा सुरक्षा बल द्वारा प्रस्तुत किये गये ऊटों के विभिन्न हैरत अंगेज करतबों वाले ‘‘कैमल टैटू शो‘‘ ने दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया। सीमा सुरक्षा बल के प्रहरियों द्वारा ऊंट के विभिन्न रोमांचकारी करतबों को प्रस्तुत कर मरु भूमि एवं सीमाओं की सुरक्षा में इस मूक पशु रेगिस्तान जहाज ने अपनी महत्ता से अवगत करा दिया। सीमा सुरक्षा बल के डिप्टी कमांडेंट कुलदीप चौधरी के नेतृत्व में उंटो पर सजे धजे सीमा प्रहरियों ने गौरवपूर्व प्रदर्षन किया। टैटू शो के दौरान सीमा चौकसी पर उपजने वाली परिस्थितियों को प्रदर्षित किया गया। प्रषिक्षित ऊंटो ने दुनिया का आठवां अजूबा माने जाने वाले दुनिया के एक मात्र कैमल-माउंटेड बैण्ड की लोक गीतों की धुनो पर नृत्य भी पेष किया। बैण्ड मास्टर सब इंसपेक्टर बोधराज की अगुआई में राजस्थान गीतों की मधुर धुने प्रस्तुत की गई। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने ऊंटों के साथ एक्रोबेट तथा पीटी का शानदार प्रदर्षन भी किया। सीमा प्रहरियों ने प्रषिक्षित ऊंटों पर सवार होकर क्रॉसिंग, त्रिकोणीय संरचना, शक्करपारा संरचना, चक्रव्यूह, लहरिया, चौराहा तथा पीपल के पत्ते की संरचना बना कर दर्षकों को अचम्भित सा कर दिया। डेडानसर मैदान में इस दौरान सीमा सुरक्षा बल की बीओपी आर्केस्ट्रा टीम के सहायक उप निरीक्षक रहमान खान एवं हैड कास्टेबल लतीफ खां व उनके साथियों ने बल के कैम्पों में पायी जाने वाली दैनिक उपयोग की वस्तुओं से बैण्ड की प्रस्तुति दी। उन्होंने ‘‘हम तो सीमा के प्रहरी है, फीदा इस पर हो जायेंगे‘‘ गाना प्रस्तुत कर देष भक्ति की भावना प्रस्तुत की। वहीं इस कार्यक्रम में पणिहारी एवं जोकर का रोल बहुत ही हास्यप्रद रहा।

इस समारोह के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयनारायण, उपायुक्त उपनिवेषन एवं मेला प्रभारी मोहनदान रतनू, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी चेतन चौहान, तहसीलदार वीरेन्द्रसिंह, उप निदेषक भानुप्रताप, सहायक पर्यटन अधिकारी खेमेन्द्रसिंह जाम, सचिव नगरपरिषद झब्बरसिंह चौहान, खेल अधिकारी लक्ष्मण िंसह तंवर भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का संचालन आकाषवाणी के वरिष्ठ उदघोषक जफरखां सिंधी ने खनखनाती जोषीले आवाज में की वहीं बीच-बीच में शेरों शायरी पेष कर कार्यक्रम में शमा बांधी वहीं विदेषी मेहमानों को उंटों के करतबों के साथ ही अन्य कार्यक्रमों की अंग्रेजी की जानकारी गुलनाज ने दी।

कार्यक्रम के दौरान देषी विदेषी पर्यटकों में काफी उत्साह दिखाई दिया एवं उन्होंनें हर कार्यक्रम कें रूचि के साथ हिस्सा लिया वहीं इन मेहमानों ने हर कार्यक्रम को अपने कैमरों में कैद किया एवं विडियोंग्राफी की ताकी वे इन यादों को अपने वतन में देख सके।

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विजेताओं को स्मृति चिन्ह् प्रदान कर किया सम्मानित

जैसलमेर, । मरू महोत्सव के दूसरे दिवस डेडानसर मैदान में आयोजित हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह् प्रदान कर सम्मानित किया। जिला कलक्टर नमित मेहता, पुलिस अधीक्षक डॉ.किरण कंग, जिला प्रमुख श्रीमती अंजना मेघवाल ने सभी विजेताओं एवं उप विजेताओं को नकद पुरूस्कार, स्मृति चिन्ह् एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

कैमल पोलो मैच मे कैमल पोलो एसोसिएषन ऑफ इण्डिया द्वारा विजेता टीम रॉयल डेजर्ट सफारी को 7 हाजर रूपये एवं ट्रॉफी तथा उप विजेता टीम कैमल पोलो एसोसिएषन जैसलमेर की टीम 5 हजार रूपये नगद एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया वहीं जिला कलक्टर नमित मेहता ने कैमल टैटू शो के शानदार प्रदर्षन के लिए उप समादेष्टा कुलदीप चौधरी को ट्रॉफी प्रदान की। इसके साथ ही अतिथियों ने भी पणिहारी मटका रेस एवं रस्साकषी के विजेताओं को स्मृति चिन्ह् प्रदान किए।

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लाणेला गांव में होगी घुडदौड सम के रेतीले धोरों पर होगा समापन

जैसलमेर, 18 फरवरी। मरु महोत्सव के तीसरे दिवस 18 फरवरी, मंगलवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगेंं मेला प्रभारी मोहनदान रतनू ने बताया कि पहली बार लाणेला गांव में होगी घुडदौड इसके साथ ही सम के रेतीले धोरों पर विभिन्न रंगारंग कार्यक्रम होगें।

मंगलवार को सम के लहरदार रेतीले धोरो पर होगा समापन, लाणेला में घुड दौड का आयोजन

मरु महोत्सव का तीसरा दिवस सम के लहरदार रेतीले धोरो के नाम होगा। तीसरे दिवस 19 फरवरी, मंगलवार को माघ पूर्णिमा की चांद तले विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। तीसरे दिवस मरु महोत्सव में घुड़ दौड़ का आयोजन होगा। तीसरे दिवस लाणेला गांव में प्रातः 9ः00 बजेः घुड़ दौड़ आयोजित होगी जो दर्षकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहेगी।

सम में भव्य होगी सांस्कृतिक सांझ

सम में दोपहर 3 बजे से 4ः30 बजे तक ग्रामीणों एवं विदेषी के बीच रस्साकषी का आयोजन होगा वहीं उंट दौड प्रतियोगिता आयोजित होगी एवं घुड व उंट नृत्य भी होगा। सम के रेतीले धोरो पर मंगलवार को सांय 6 बजे सम के रेतीले धोरो पर पंजाबी स्टार गायक लखविन्दर वदाली द्वारा सांस्कृति कार्यक्रमों की धुम मचाई जायेगी, जो बहुत ही आर्कषक एवं रोचक होगी। इस मरु महोत्सव का समापन भव्य आतिषबाजी के साथ होगा। इससे पूर्व मंगलवार को प्रातः 10 बजे से 12 बजे पालीवालों के परित्यक्त प्राचान कुलधरा गांव में ग्रामीण संस्कृति से सैलानी रूबरू हो सकते है वहीं यहां पर वॉल पेंटिंग तथा रंगोली व माडना का भी आयोजन होगा।

 

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