२०१९ लोकसभा चुनाव इंदौर के राष्ट्रीय नेता अगर मोदीजी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हे। तो इंदौर का मोह छोड़ना होगा।

लोकसभा चुनाव 2019 BJP को हराने तैयार है BJP के ही योद्धा। इंदौर लोकसभा सीट 8 बार से लगातार सांसद लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन एक बार फिर दावा कर रही है इंदौर से चुनाव लड़ने का तो दूसरी ओर राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी इधर उधर से कोशिशों में लगे हुए है। ये अलग बात है कि वो कभी खुले तौर पर इंदौर से अपनी दावेदारी नही जता रहे। राष्ट्रीय कवि श्री सत्यनारायण सत्तन जी ने तो मोर्चा खोल रखा है अगर पार्टी ताई को टिकट देती है वो उन्हें हराने निर्दलीय खड़े होंगे। लेकिन इस घमासान के बावजूद सब को चिंता मोदीजी को जिताने की भी है। अब अगर हम बात करे जैसा कि सूत्रों से सुना है ताई जी चाहती है इंदौर से कांग्रेस का कोई दमदार उम्मीदवार सामने होना चाहिए। ताई जी कहती है भविष्य में इंदौर की चाबी में किसे सोपुंगी ये भविष्य की बात है। अभी में स्वस्थ हु। इन्ही बयानों पर हमने इंदौर के कुछ नेताओं से बात की नाम न छापने की शर्त पर वो बोले कि ताई ये चाबी लायी कहा से है चाबी तो हम ही लोगो ने दी है। अब चाबी लेने के लिए पूछना पड़ेगा क्या। हम देना जानते है तो चाबी छीनना भी जानते है। बात भी सही है इंदौर में 2 राष्ट्रीय नेता है श्री कैलाश विजयवर्गीय व श्रीमती सुमित्रा महाजन कैलाशजी राष्ट्रीय महासचिव है और अभी पश्चिम बंगाल में BJP का जनाधार बड़ा रहे है। श्रीमती सुमित्रा जी लोकसभा अध्यक्ष है पूरा देश उन्हें पहचानता है। तो ऐसे में ये दोनों कद्दावर नेता इंदौर की सीट से मोह क्यों रख रहे है। अगर ये दोनों ही नेता मोदीजी को प्रधानमंत्री फिर से बनाना चाहते है तो क्यों न ये इंदौर से अपनी दावेदारी छोड़ कांग्रेस की परंपरागत सीटों से बीजेपी को विजय दिलाने का प्रयास करे। कैलाश जी सिंधिया जी के सामने लड़े व श्रीमती सुमित्रा महाजन दिग्विजय सिंह जी के क्षेत्र में जाकर उनके सामने लड़े। ओर इंदौर की जनता व वरिष्ठ नेता जो परिवर्तन चाहते है उन्हें मौका दे या हम यू समझे कि बीजेपी के नेताओ को मोदीजी की जीत हार से कोई मतलब नही सब अपने को ही आगे बढ़ाने में फायदा देख रहे है। जैसा विधान सभा चुनाव में हमने देखा किस तरह से प्रदेश व् देश के बड़े नेताओ ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज जी को कुर्सी से हटाने के लिए कई विधायक हरवा दिए और सत्ता कांग्रेस को सोप दीi कही मोदीजी के साथ भी ये ही तो नहीं होने वाला हे क्योकि माहौल और प्रदेश के नेताओ में एक दूसरे को निपटाने की जो परम्परा शुरू हो चुकी हे वो बीजेपी को फिर वनवास की और ले जाती दिख रही हे अशोक रघुवंशी इंदौर भारतीय न्यूज़

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